Under Cover Agent Police Officer

Under Cover Agent Police Officer


Under Cover Agent Police Officer यह कहानी एक ऐसे व्यक्ति के बारे में है जो शेखावाटी शहर का सबसे बड़ा गैंगस्टर बन जाता है, जिसे रोकने के लिए, भारत सरकार द्वारा अंडर कवर अधिकारी की टीम तैयार की जाती है।

ये कहानी शुरू होती है एक हाईवे से, जहाँ पर कहानी का हीरो (विशाल सैनी) जो कि एक आवारा ओर क्रिमिनल है। और उसके सामने खड़ी रहती है उसकी प्रेमिका जो कहानी की हिरोइन (विनीता राणावत) है। विनीता के साथ में खड़ा रहता है उसका सहपाठी (अजय शर्मा) जो एक अच्छा व विनीता का दोस्त है।
ओर विशाल के पीछे एक केम्पर खड़ी रहती है जिसमें विशाल के कुछ दोस्त रहते है, विशाल की तरह ही बदमाश लोग।

विनीता के हाथ मे एक शूटकैस रहता है और वो जाने ही वाली रहती है तभी विशाल विनीता को कहता है..। मैं तेरा इंतज़ार करूंगा। तो विनीता कहती है कि तू मेरा इंतज़ार नही करे तो ही अच्छा है तेरे लिए। और ये बात कह के विनीता वहाँ से चली जाती है और फ्लाइट में बैठ कर उड़ जाती है उत्तराखंड के लिए है।

विशाल उसकी बात सुन कर इमोशनल हो जाता है ओर अपने दोस्तों के साथ गाड़ी में बैठ कर अपने घर चला जाता है। (विशाल की एक खास बात ये थी कि वो अपना इमोशनल सब से छुपा लेता था। उसको दुःख भी बहुत हुआ कि उसकी प्रेमिका उस से दूर चली गई। पर विशाल उसके लौटने का इंतजार करता है।)

जब विनीता फ्लाइट में बैठी रहती है तब उसका दोस्त अजय उस से पूछता है कि तुम दोनों तो एक दूसरे से प्रेम करते थे। विशाल दिल से एक अच्छा लड़का भी है। फिर तूने उसे क्यों छोड़ दिया।
तो विनीता कहती है कि हम दोनों बच्चपन के दोस्त है एक ही गांव में पले बढ़े हुए हैं। विशाल से ज्यादा तो मैंने विशाल से प्यार किया है। मुझे विशाल की एक आदत बहुत अच्छी लगती थी कि वो सभी की मद्त किया करता था और करता है। पर उसने कभी भी अपने बारे में नही सोचा। ना उसने अपना कैरियर बनाया। बस हमेशा दूसरों की समस्या दूर करता रहता था। वो बहुत अच्छा लड़का था इसलिए मैं भी उस से प्यार करने लगी। ओर वो तो मुझसे बचपन से ही प्यार करता था।
पर क्या करे प्यार से घर तो नही चलता ना। मुझे विशाल और विशाल के व्यवहार से कोई दिक्कत नही थी। पर वो कुछ कर नही रहा था अपना भविष्य नही देख रहा था। वो लोगो के साथ रह कर एक गुंडा बन गया। बदमाशी करने लगा। कई पुलिस केस भी बन गए।

तो अजय कहता है तो उसने कभी अपने परिवार वालो की नही सोची क्या..?
तो विनीता कहती है एक बार जरूर इंजीनियरिंग करने दिल्ली गया था। तब मैं सबसे ज्यादा खुश हुई थी कि मेरा विशाल इंजीनियर बनेगा। एक अच्छी लाइफ बनाएगा हमारी। पर क्या करे दिमाग से गर्म था। वहाँ पर भी लड़ाई जगड़े करने लगा और 3 साल में ही वापिस घर आ गया वो भी इंजीनियरिंग अधूरी छोड़ कर। ओर यहाँ आकर दादागिरी करने लगा। ओर जब पैसों की जरूरत पड़ने लगी तो गैंग जॉइन कर ली। ये शेखावाटी है यहाँ गैंगस्टरों के लिए मर्डर करना एक आम बात है। तो विशाल ने भी पैसों के लिए एक आदमी का मर्डर कर दिया। तब से इसके साथ ओर लोग जुड़ने लगे। ये एक क्रिमिनल बन गया।

तो तू ही बता की मैं एक क्रिमिनल से कैसे प्यार कर सकती हूँ। कब कहाँ उसके साथ कुछ हो जाय तो। आज वो लोगो को मारता है कल भगवान ना करे कि उसे कुछ हो जाय।

विशाल तो सुधरने वाला नही था लेकिन मैं अपनी पढ़ाई जारी रखी और UPSC में सलेक्शन हो गया और आज एक IPS ऑफिसर बनने जा रही हूँ।

(विनीता ओर अजय उत्तराखंड पहुँच जाते है IPS की ट्रेनिंग के लिए। अजय ओर विनीता ने साथ मे पढ़ाई की ओर UPSC की एग्जाम पास की।)

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विनीता व अजय हमेशा अवल आते थे हर टेस्ट में। उनके साथ एक ओर ऑफिसर था विक्रम सिंह जो कि वो भी हर टेस्ट में हमेशा अवल आता था। तो इन तीनो की एक अच्छी दोस्ती बन गई थी ट्रेनिंग में।
ओर सबसे अच्छी बात ये थी कि तीनों की पोस्टिंग उत्तराखंड में ही एक ही एरिया में लग गई थी।
ओर इधर विशाल एक बड़ा गैंगस्टर बन चुका था। और तेजी से शेखावाटी में क्राइम बड़ रहा था।
पूरा भारत में हरियाणा के बाद शेखावाटी ही एक ऐसा क्षेत्र था जहाँ पर सबसे ज्यादा गैंगवार हुआ करती थी। देश के बाहर के आतंकवादी भी शेखावाटी में पनाह लेते थे। ये काम कई सालों से चलता आ रहा था।

उत्तराखंड में विनीता ओर विक्रम एक बहुत ही ज्यादा गहरे दोस्त बन गए और विनीता “विक्रम” से प्यार करने लगी। वो एक दूसरे के साथ काफी समय बिताने लगे क्योंकि उन दोनों की एक साथ एक ही एरिया में पोस्टिंग थी। विनीता विक्रम के साथ राते गुजारने लगी। वो दोनों एक साथ एक ही रूम में सोते थे। उन दोनों के बीच बहुत कुछ हो रहा था।
ओर इधर विशाल “विनीता” का इंतज़ार कर रहा था। पर विनीता विक्रम के साथ संभोग करने लगी थी।
विशाल इंतज़ार करता रहा पर विनीता नही लौटी। विनीता अपनी जिंदगी विक्रम के साथ बिता रही थी।

ओर इधर पुलिस ने विशाल को पकड़ लिया और विशाल को जेल हो गई।
क्योंकि शेखावाटी में क्राइम रुकने का नाम ही नही ले रहा था।

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उधर भारत सरकार ने एक IPS ऑफिसर की एक टीम बनाई जिसमें विक्रम सिंह, विनीता राणावत व अजय शर्मा को भी शामिल किया गया। उनको तीन महीने की ओर ट्रेनिंग दी गई। उन्हें उस ट्रेनिंग में बताया गया कि एक अंडर कवर एजेंट वो ही होता है जो कुछ भी कर सकता है अपने देश के लिए अपनी जान की परवाह ना करते हुए। उस ऑपरेशन में बताया कि अपने काफी सारे एजेंट भारत मे ही नही बल्कि हर देश में फैले हुए है। हमें हर पल पल की खबर मिलती रहती है। आपकी भी कुछ अंडर कवर एजेंट हेल्प करते रहेंगे।

ऑपरेशन में बताया जाता है कि विक्रम सिंह, विनीता राणावत व अजय शर्मा की ऑन वर्दी ड्यूटी में शेखावाटी में पोस्टिंग की जाती है। ओर उन्हें बताया जाता है कि इस ऑपरेशन में आपकी हेल्प एक अंडर कवर एजेंट हेल्प करेगा। जो कि वहाँ पर एक अंडरकवर एजेंट है अपने देश का सबसे इंटलिजेंट ऑफिसर अंडर कवर एजेंट ACP विशाल सैनी।
तब विनीता राणावत के होश उड़ जाते हैं कि ये कैसे हो सकता है। और अपने सीनियर ऑफिसर से पूछती है कि सर् ये कैसे हो सकता है ये तो एक क्रिमिनल है।
तो उन्हें बताया जाता है कि ACP विशाल सैनी कोई क्रिमिनल नही है वो अपनी ड्यूटी पर है।
विशाल सैनी जब IPS की ट्रेनिंग पर था तब वो इतना इंटलिजेंट था कि उसकी पोस्टिंग सीधा कोलकाता में हुई। उसने 1 साल में 80 उनकॉउंटर कर दिए। वो मोत को छू के वापिस आ सकता था। वो मोत से नही बल्कि मोत उस से डरती थी। तब भारत सरकार ने ये डिसाइड किया कि विशाल को हमेशा हमेशा के लिए एक अंडर कवर एजेंट बना दिया जाएगा। ना तो उसे सैलेरी मिलेगी ना ही कभी पुलिस होने का सबूत। अगर विशाल मारा जाता है तो उसे कभी भी पुलिस ऑफिसर था इस नाम से उसे सम्मानित नही किया जाएगा। वो एक आम आदमी की मौत मरा हुआ माना जायेगा। ओर अगर जब तक जिंदा रहेगा तब तक देश के लिए काम करेगा।
ओर भारत सरकार ने उसे ये फैसला सुनाया था। तब उसने बिना झिझके ये फैसला एक ही बारी में मंजूर कर लिया। ये होते है अपने भारत के अंडर कवर एजेंट।
हमें नाज है ऐसे ऑफिसर्स पर। पूरा भारत चेन की नींद सोता है ऐसे अंडर कवर ऑफिसर्स की वजह से। सलाम करता हुँ ऐसे वीर जवानों पर।

तब विक्रम कहता है कि विशाल इस वक्त है कहाँ पर। तो ऑफिसर कहता है अभी जेल में है। तो विक्रम कहता है जेल में क्यों..?
तो ऑफिसर कहता है कल सुबह एक आतंकवादी को पुलिस कोर्ट में ले जाएगी। वो आतंकवादी कोर्ट पहुचने से पहले ही विशाल उसको जेल में ही मार देगा। इसलिए वो जेल में गया है।
तो अजय शर्मा बोलता है कि तब तो पुलिस भी विशाल को इनकाउंटर में मार देगी।
तो ऑफिसर कहता है वो विशाल की प्रॉब्लम है। अपनी नही, वो जानता है की उसे क्या करना है और क्या नही। ये हमे उसे सिखाने की जरूरत नही है।

ओर उन तीनों इंस्पेक्टर विक्रम सिंह, विनीता राणावत व अजय शर्मा की पोस्टिंग शेखावाटी शहर में कर दी जाती है।

शेखावाटी शहर :- ……????????

To Be Continued…!

Under Cover Agent Police Officer

A New Film Story
Story :- Writer Mahesh Saini

See Also Engish : Under Cover Agent Police Officer IN English Story

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  1. Pingback: Beti Bachao Beti Padhao - बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ - ItOhG

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