Searching For The Truth Investigations In Hindi

Searching For The Truth Investigations

Searching For The Truth Investigations In Hindi यह कहानी शुरु होती है एक इंसान से जिसका नाम तुकाराम होता है.!
तुकाराम एक पुलिस अधिकारी बनना चाहता है और वह इसके लिए बहुत मेहनत करके पढ़ाई करता है.!
अपनी मेहनत से वो पुलिस में भर्ती तो हो जाता है और श्री नगर में उसकी पोस्टिंग हो जाती है.!
वो काफी ख़ुश था क्यों कि वो पहली बार श्री नगर जा रहा था.! वो भी घूमने के लिए नहीं बल्कि अपनी ड्यूटी ज्वाइन करने.!
वो बस का सफर करके श्री नगर पहुंच जाता है.! और वहां से एक ऑटो करता है.! और उसमे बैठ जाता है, और ऑटो वाले को कहता है कि,

तुकाराम :- भैया मुझे आप इस पते पर ले चलो.!
ऑटो वाला उस पर्ची में लिखे पते को पढ़ता है और कहता है.!
ऑटो ड्राइवर :- जी साभ.! अभी ले चलते हैं.!
गाड़ी चलने लगती है और तुकाराम गाड़ी में बैठे बैठे ही सारे रास्ते मुस्कुराता हुए सब को देखता है.! और मन ही मन सोचता है कि “कितना सुंदर है श्री नगर”.!

Searching For The Truth Investigations

ऑटो ड्राइवर अपने कांच से तुकाराम की तरफ देखता है और कहता है कि,

ऑटो ड्राइवर :- साब बुरा ना मानो तो एक बात पूछूं.?
तुकाराम :-। जी पूछो
ऑटो ड्राइवर:- आप इस शहर में पहली बार आए हैं क्या.?
तुकाराम :-। आप को केसे पता.?
ऑटो ड्राइवर :- क्या साब, इतने साल हो गए हमको गाड़ी
चलाते थोड़ा तो हमको भी पता चल जाता
है कि कोन यहां पहली बार आया है और
कोन यहां का है.!

तुकाराम थोड़ा हंसते हुए कहता है ” आप ने सही पहचाना.! में यहां पहली बार आया हूं.!”

ऑटो ड्राइवर :- कहा के रहने वाले हो आप.?
तुकाराम :- जी में राजस्थान का रहने वाला हूं, सीकर का.!
ऑटो ड्राइवर :- जी आप सीकर के हो, कमाल है में भी सीकर से ही हूं.!

ऐसे करते करते उन दोनों में बाते शुरु हो जाती है और फिर उन में दोस्ती हो जाती हैं.!
तुकाराम उस ड्राइवर को अपने बारे मैं बताता है और कहता है कि अब बस मन लगा कर काम करना है और अफसर बनना है.!
ऑटो ड्राइवर अपना नाम अभिषेक बताता है.!
तुकाराम और अभिषेक बहुत देर तक बातें करते रहते है इतने में अभिषेक कहता है.
अभिषेक :- ले भाई तेरी मंज़िल आ गई.!
तुकाराम :- यह तो बस किनारा है.! मंज़िल तो ना जाने
कितनी दूर और है.!

अभिषेक यह बात सुनकर मुस्कुराता है और कहता है.! “खुदा करे तुझे तेरी सारी मंज़िल मिले.!”
इतना कहकर अभिषेक जाने लगता है.! इतने में तुकाराम अभिषेक को पीछे से आवाज़ मारता है.!
तुकाराम :- अरे अभिषेक.!
अभिषेक :- हां.?
तुकाराम :- भाई तेरे पैसे .!!!
अभिषेक :- तू तो मेरा भाई है रे .! तुमसे क्या पैसे लेना..!
तुकाराम :- अरे ऐसे केसे .!
अभिषेक :- फिर कभी चुका देना.!
तुकाराम :- फिर कभी तुम मिलो या ना मिलो.!
अभिषेक :- ज़िन्दगी इतनी भी छोटी और बेरहम थोड़ी है.!
जो दोबारा हमें मिलाए ही ना…!?

अभिषेक की इस बात पर तुकाराम मुस्कुरा जाता है और उसे अलविदा कहता है.!
अभिषेक वहां से चला जाता है और तुकाराम अपना समान उठा कर अपने कैंपस में चला जाता है.!

अभिषेक के अंदर जाते वक़्त एक पुलिस अफसर उसे पीछे से आवाज़ देकर रोकता है.!
अभिषेक पीछे मुढ़ता हैं और कहता है “”जी…!”

पुलिस अधिकारी :- हा भाई.. यहां केसे आना हुआ.?
तुकाराम :- जी साब मेरी पोस्टिंग हुई है यहां.!
पुलिस अधिकारी :- क्या नाम है तेरा.?
तुकाराम :- जी साब मेरा नाम तुकाराम है.!
पुलिस अधिकारी :- कहा से.?
तुकाराम :- जी साब सीकर राजस्थान से.!
पुलिस अधिकारी :- अरे तू ही है वो, नयो (एस. आई. )
(S.i.), सीकर वाला .?
तुकाराम :- जी साब !
पुलिस अधिकारी :- अरे तेरी ही बात कर रियो थो में
अबार.!

तुकाराम :- जी साब मेरी क्यों .?
पुलिस अधिकारी :- अरे तू सीकर सु है ना.! ई वास्ते.!
तुकाराम :- में कुछ समझा नहीं .!
पुलिस अधिकारी :- जल्द ही समझ जाओगे.! जाओ
तुम्हारा सामान तुम्हारे कमरे में रख दो
और तैयार होकर ऑफिस में रिपोर्ट
करो.!

इतना कह कर पुलिस अधिकारी वहां से निकल ने लगता है.! पीछे से तुकाराम आवाज़ मार कर कहता है.! ” सर आप का क्या नाम है.?”
पुलिस अधिकारी अपना नाम “राजीव” बताता है

तुकाराम :- आप से मिल कर खुशी हुई सर.!
राजीव :- हम.! अब जाओ..!

तुकाराम वहां से चला जाता है और अपने कमरे में जाकर सामान रख देता है.!
वो एक कुर्सी पर बैठ कर कुछ सोचने लगता है.!

इतने में उसे याद आ जाता है कि मुझे रिपोर्टिंग देनी है.! और वो तैयार होने लगता है.!
वो अपनी नयी नवेली वर्दी को पहनने के बाद शीशे में देखता है और खुद पर गर्व करता है.!
उसी हौसले और गर्व के साथ वो अपने ऑफिस में जाता है और रिपोर्ट करता है.!

ऑफिस में उसके उच्च अधिकारी पहले से ही बैठे होते है.!
वहां पर 2 उच्च अधिकारी बैठे होते है और साथ ही राजीव भी वही बैठे होते है.!

जब तुकाराम ऑफिस में आता है तो राजीव और वो दोनों अधिकारी चाय पीते हुए बात कर रहे होते है.!

राजीव तुकाराम को देख कर कहते है.!
राजीव:- यह लीजिए सर.!, यह आ गया.!
अधिकारी 1 :- जी.!,
तुकाराम :- (परेड करते हुए आता है और कहता है) सब
इंस्पक्टर तुकाराम शर्मा रिपोर्टिंग सर.!
अधिकारी:- विश्राम.! ( अधिकारी उसे परेड से विश्राम की
स्थिति में आने को कहता है)

नोट:- भारत में सेना और पुलिस बल में यह एक तरह की परंपरा है.! जब भी कोई व्यक्ति अपना कार्यभार संभालने जाता है तो पहले दिन अपने उच्च अधिकारी के पास परेड करके जाता है.! यह मुख्यत फोज में होता है.!

अधिकारी जो मैन चेयर पर बैठा होता है.! वो तुकाराम की फाइल देख रहा होता है कुछ देर बाद फाइल को रख देता है और कहता है.!

अधिकारी 1:- तो तुकाराम.! राजीव से तो मिल लिए हो तुम ह ना.!
तुकाराम:- जी साब.!
अधिकारी:- तुम राजीव के नीचे ही काम करोगे.! मन लगा
कर काम करना और किसी भी तरह की
दिक्कत हो तो तुम राजीव को या मुझे
बताना.!
तुकाराम :- जी साब.!

(अधिकारी राजीव से)

अधिकारी-: राजीव तुम इसको सारी बातें समझा दो और
इसकी ड्यूटी इसे बता दो.!
राजीव :-जी सर.!
अधिकारी तुकाराम से:- आज तुम आराम करो कल सुबह
राजीव के साथ चले जाना.! यह
तुम्हे सब समझा देंगे.!

तुकाराम :- जी साब.!

तुकाराम वहां से चला जाता है और सीधा अपने कमरे में लगे बिस्तर पर लेट जाता है.!
वो लेटा लेटा अपने घर को याद कर रहा होता है.! और सोच रहा होता है की उन्हे फोन कर लू.!
इतने में उसकी मा का फोन आ जाता है और वो अपनी मा से बात करने लगता है.!
करीब 1 घंटे तक वो अपने घर वालो से बात करता है और फ़िर फोन रख देता है.!
शाम होते ही उसके रूम मेट आ जाते है.!

( तुकाराम के 2 रूम मेट होते है.!
विजय सरवकर और फिरोज़ अली.! )

दोनों एक साथ कमरे में आते है और तुकाराम को देखने लगते है.!

वो दोनो तुकाराम को पूछते है.!
भाई तेरी नई पोस्टिंग लगी है क्या.?
तुकाराम :- हा.! आज ही यहां आया हूं.!

तुकाराम और उन दोनों के बीच बात चित होती है.!
और सब अपने बारे में बताते हैं.!

विजय और फिरोज़ दोनो ही एक दम मजाकिया होते है और ख़ुश मिजाज़ होते है.!
दोनों खुल के मजाक करते है.! तो तुकाराम भी उनके साथ खुलने लगता है और उनमें दोस्ती हो जाती है.!
कुछ देर बाद वो सब सोने की तयारी करने लगते है.! विजय तुकाराम से कहता है कि “भाई सोजा जल्दी कल तेरा पहला दिन है.! कल लेट मत होना.!”
तुकाराम :- हां भाई.!
सब सो जाते है.!

अगले दिन तुकाराम सुबह जल्दी उठ कर तैयार होने लगता है ! और तेयार होकर ऑफिस में जाता है.!

कुछ देर में उसके थाने के इंचार्ज आ जाते है.! यानी “राजीव” .!
तुकाराम उन्हे देख कर खड़ा हो जाता है और कहता है “जय हिन्द साब”
राजीव :- जय हिन्द.!, तो तैयार हो तुम.?
तुकाराम :- जी साब .!
राजीव :- ठीक है थोड़ा यहां का काम देख लेता हूं.!, फिर
चलते है राउंड पर.!
तुकाराम:- हो साब.!

राजीव अपनी कुर्सी पर बैठ जाते है और कुछ फाइल निकाल कर देखते है.! थोड़ा काम करने के बाद फाइल समेट कर रख देते हैं और अपने असिस्टेंट को कहते है.
कल कोई कैस आया.?
असिस्टेंट :- कल तो साहब 2 चोरी के केस आए और 5
सामान खो जाने के.!
राजीव:- कोई भारी समान था क्या.?
असिस्टेंट :- जी नहीं साब.! वो ही किसी का पेन कार्ड तो
किसी का एटीएम कार्ड खो जाने का.!
राजीव:- कोई भारी केस नहीं था क्या.?
असिस्टेंट:- नहीं साब.!
राजीव :- अच्छा वो गाड़ी चोरी का केस था ना.! क्या नाम था उसका……. हमीद…! हमीद अली की गाड़ी चोरी हुई थी.! उसका क्या हुआ.?
असिस्टेंट :- साब उसने कंप्लेंट वापस लेली.!
राजीव:- क्यों.?
असिस्टेंट:- वो उसकी गाड़ी उसको हाईवे पर मिल गई थी
वापस.! तो उसने कंप्लेंट वापस लेली.!

राजीव मुस्कुराते हुए तुकाराम की तरफ देखते हैं और कहते है. ” देख रहे हो.! ऐसे ऐसे लोगो के केस आएंगे अपने पास.! अब तुम्हे ही संभालना है इन्हे”
तुकाराम मुस्कुराते हुए:- जी सर.!

कुछ देर और बात करने के बाद राजीव अपनी टेबल से उठते है और कहते है, “चलो अब तुम्हे यह शहर घूमा देते है”
और वो दोनों गाड़ी में बैठ कर निकल पड़ते है.!

राजीव गाड़ी चला रहे होते है. और तुकाराम पास में बैठा रहता है तो राजीव पूछते है.!
राजीव :- कोई गर्लफ्रेंड भी है या नहीं.?
तुकाराम (मुस्कुराते हुए):- अरे नहीं सर, में तो बचपन से ही
सीधा हूं.! कभी इन चक्कर में
पड़ा ही नहीं.!

राजीव:- कोई बात नहीं.! इस शहर में लड़कियों की कोई
कमी नहीं.! या तो तुम इन चक्कर में पड़ जाओगे,
या फिर लड़कियां तुम्हे पटक देगी.! लेकिन पड़ोगे
ज़रूर.! यह बात पक्की है.!
(तुकाराम इस बात पर हंस देता है और कहता है कि ” होनी को कौन टाल सकता है”)
राजीव भी हसने लगते है और कहते है. बेटा इतने भी शरीफ तो नहीं हो..!
राजीव तुकाराम को श्री नगर के मैन बाज़ार में ले जाते है और कहते है.! यह है इस शहर का मैन बाज़ार.!

तुकाराम चारो तरफ नजर दौड़ता है और देखता है कि लोग उसे अलग अलग नज़र से देखते है.!
कुछ लोग उनको देख कर नज़र चूपा रहे है और कुछ लोग उनको देख कर सलाम मार रहे है.!
यह बात वो राजीव को बताता है तो राजीव हस पड़ते है.!
और कहते है “तुम अभी नए हो तो तुम्हे यह अजीब लग रहा है.! कुछ दिन में तुम्हे भी इसकी आदत पड़ जाएगी.!

इतने में राजीव सर के वोकी टोकी पर एक खबर आती है.!
“लाल चौक के पास दो लोगो की हतापाई की खबर है.! नजदीकि अफसर वहां जाए और मामला देखे.!”
यह सुनने के बाद राजीव कहते है चल भाई अब तुझे यहां के लोगो से भी मिला देता हूं.!
दोनों गाड़ी में बैठ जाते है और लाल चौक की तरफ निकल पड़ते है.!

लाल चौक में पहुंचने पर वो देखते है कि वहां 50-60 लोगो की भीड़ हो रखी है जिसके कारण ट्रैफिक जाम भी हो गया है.!
राजीव और तुकाराम दोनो भीड़ में घूस जाते गैर और देखते हैं कि आखिर मामला क्या है.!
वो भीड़ में घुसते ही देखते है की दो लोग आपस में लड़ रहे है और गाली गलोच कर रहे है.! कुछ लोग उनको छुड़ाने की कोशिश भी कर रहे है लेकिन वो किसी के बस में नहीं आ रहे है.!
राजीव और तुकाराम दोनो उन लोगो को पकड़ते है और कहते है कि बैठ गाड़ी में चुपचाप.!
वो दोनो आदमी पुलिस को देख कर भी नहीं रुकते है.! तो राजीव तुकाराम को कहते है.! ला वो गाड़ी में से डंडा ला.!
तुकाराम डंडा लेकर आता है और उन दोनों को मारने की एक्टिंग करते हुए हवा में लहराता है.!
वो दोनो इतने में डर जाते है और गाड़ी में बैठ जाते है.!

तुकाराम और राजीव भी गाड़ी में बैठ कर अपने थाने कि तरफ निकल जाते है.!

थाने में पहुंचने पर तुकाराम दोनो को टेबल पर बेठाता है और पूछता है।

तुकाराम :- क्यों भाई .! क्यों लड़ रहे थे दोनो.?
आदमी 1-: साहब इस आदमी ने मेरी खड़ी गाड़ी को ठोक
दी और मुझे ही गाली देने लगा.!
आदमी 2:- नहीं साहब यह झूठ बोल रहा है ! पहले इसने
गाली दी,.!

संजय:- अरे ऐसे नहीं मानेंगे लॉकअप में डाल दे इनको.!
आदमी 1 :- नहीं साब में बाल बच्चे वाला इंसान हूं साब..!
मुझे छोड़ दो..!

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कई देर तक दोनो आदमी हथाजोड़ी करते रहते है.! फिर संजय दोनो की सुलह करवा के भेज देता है.!
जैसे ही वो दोनो जा रहे होते है.! तो तुकाराम कहता है ” ए रुको र तुम दोनो..!”
वो दोनो रुक जाते है और पीछे मूढ़ते है.!
(तुकाराम पूछता है.)
तुकाराम:- तुम दोनों वहां क्या कर रहे थे.?
आदमी 1 :- साब में तो वहां किराने का सामान लेने गया था
मेरे भतीजे की शादी के लिए.!
तुकाराम :- (दूसरे आदमी से) और तुम.?

दूसरा आदमी जवाब देने में हिच -खींचता हैं

तुकाराम समझ जाता है कि कुछ तो गड़बड़ है.!
तुकाराम अपने सवाल वापस पूछता है.!

वो आदमी खुद को फसता देख कर वहां से भागने की कोशिश करता है.!

संजय और बाकी लोग कुछ समझ नहीं पाते कि क्या हुआ है.!
तुकाराम उस आदमी के पीछे भागता है और उसे पकड़ कर ले आता है.!
फिर संजय उस आदमी को थप्पड़ मारता है और कहते है.! क्यों र भाया. भाग्यो क्यों.?
आदमी:- साब मुझे माफ़ कर दो.! गलती होगी.!!
तुकाराम:- इसकी गाड़ी मंगवाओ सर.!
संजय:- हां..! अरे हवलदार जा इसकी गाड़ी ला बाज़ार
से.!
हवलदार उसकी गाड़ी लेने के लिए निकल जाता है………!

कहानी जारी रहेगी…

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कहानी लेखक :- नितिन पाराशर व महेश सैनी

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Comments

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    歷史
    六七千年前的先民就開始釣魚。周文王曾和兒子們在靈沼釣魚取樂。戰國時范蠡也愛釣魚,常把所釣之魚供給越王勾踐食用。 二十世紀八十年代,中國大陸的各級釣魚協會成立,釣魚地點也從自然水域向養殖水域過度,所釣之魚則從粗養向細養過度。人數增多、水體污染及濫捕濫撈導致釣魚難度上升。釣魚協會開始與漁民和農民簽訂文件,使更多釣者能夠在養殖水域釣魚,達到了雙贏的目的。 二十世紀九十年代初,來自台灣的懸釣法走紅大陸,各地開始建造標準釣池。 二十世紀末,發達國家的釣者提倡回顧自然,引發新一輪野釣戰,而中國的釣者則更青睞精養魚池。]

    工具

    一种钓鱼竿机械部分示意图
    最基本的钓具包括:鱼竿、鱼线、鱼钩、沉坨(又名沉子)、浮标(又名鱼漂)、鱼饵。]:1其他辅助钓具包括:失手绳、钓箱、线轮、抄网、鱼篓、渔具盒、钓鱼服、钓鱼鞋等。]:1

    钓竿一般由玻璃纖維或碳纖維轻而有力的竿状物质製成,钓竿和鱼饵用丝线联接。一般的鱼饵可以是蚯蚓、米饭、蝦子、菜叶、苍蝇、蛆等,现代有专门制作好(多数由自己配置的半成品)的粉製鱼饵出售。鱼饵挂在鱼鉤上,不同的對象鱼有不同的釣組配置。在周围水面撒一些誘餌通常会有較好的集魚效果。

    钓具
    鱼竿
    主条目:鱼竿
    钓鱼的鱼竿按照材质包括:传统竹竿、玻璃纤维竿、碳素竿,按照钓法包括:手竿、矶竿、海竿(又名甩竿),按照所钓鱼类包括:溪流小继竿、日鲫竿(又名河内竿)、鲤竿、矶中小物竿。]:6-8

    鱼钩
    主条目:鱼钩
    鱼钩就是垂钓用的钩,主要分为:有倒钩、无倒钩、毛钩。]:14

    鱼线
    主条目:鱼线
    鱼线就是垂钓时绑接鱼竿和鱼钩的线,历史上曾使用蚕丝(远古日本)、发丝(江户时期日本)、马尾(西欧)、二枚贝(地中海)、蛛网丝(夏威夷)、琼麻(东南亚)、尼龙钓线(美国)。]:25

    鱼漂
    主条目:鱼漂
    鱼漂又名浮标,垂钓时栓在鱼线上的能漂浮的东西,主要用于搜集水底情报,查看鱼汛,观察鱼饵存留状态,以及水底水流起伏变化。]:36

    鱼饵
    主条目:鱼饵
    鱼饵分为诱饵和钓饵,是一种用来吸引鱼群和垂钓时使用的物品,钓饵分为荤饵、素饵、拟饵、拉饵。]:170

    沉子
    主条目:沉子
    沉子又名沉坨、铅锤,是一种调节鱼漂的工具。]:45

    卷线器
    主条目:卷线器
    卷线器主要安装在海竿和矶竿上的一种卷线的工具。]:63

    连结具
    主条目:连结具
    连结具是连结鱼线与钓竿、母线与子线的一种连结物,使用最广泛的是连结环。]:55

    识鱼
    鱼类的视力不如人类,距离、宽度均无法和人类的视力比较,鱼类对水色、绿色比较敏感,鱼类的嗅觉非常灵敏,鱼类的听觉也非常灵敏,钓鲤鱼时,不能在岸上大声谈笑、走动不停,鱼类的思考能力非常弱,鱼类应对周边环境随着气象、水温、水色、潮流、流速、水量的变化而变化,于是便出现了在同一个池塘、水库、湖泊,往日钓鱼收获大,今日少,上午收获大,下午少,晴天大,雨天少等情况。]:114-117淡水钓鱼,中国大陆经常垂钓的鱼类对象是本地鲫鱼、日本鲫、非洲鲫、鲤鱼、游鱼、罗非鱼、黄刺鱼(黄鸭叫)、黄尾、鳊鱼、青鱼、草鱼、鲢鱼、鳙鱼,台湾经常垂钓的鱼类对象是本地鲫鱼、日本鲫、吴郭鱼(罗非鱼)、溪哥仔和红猫(粗首马口鱲)、斗鱼、罗汉鱼、苦花、三角姑(河鮠)、竹蒿头(密鱼)。]:117

    影响鱼类的6大因素主要是:季节变更、气温高低、水的涨落、风的大小、水的清浊、天气阴晴

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