Hindi kahani-वो मेरी जिंदगी है।

Hindi Kahani - वो मेरी जिंदगी है

( Love stroy) यह कहानी एक साधारण व्यक्ति की है। जिसकी शादी एक IAS Officer ( कलेक्टरनी ) से हो जाती है।।

इस कहानी(kahani) के मुख्य किरदार सम्राट सिंह जो एक साधारण व्यक्ति है। और दूसरी IAS Officer आदिती नरवाल।

इस कहानी में राजस्थान के सीकर जिले में रहने वाला सम्राट जो एक मिडिल क्लास फैमिली से बिलोंग करता है। सम्राट एक अच्छा और नेक इंसान है। जिसकी उम्र 23 साल है। ओर इसके पास एक बुलेरो गाड़ी रहती है। सीकर जिले में काफी कांड होते हैं। पर सम्राट इन सब से दूर रहता है।

सम्राट हमेशा गरीबो की मद्त करता रहता है। और पॉलिटिशन से काफी दूर रहता है। इसका मुख्य उद्स्य ये है कि अपने परिवार का पेट भर सके और एक अच्छी जिंदगी अपने परिवार के साथ बिता सके। सम्राट लड़ाई झगड़ो से काफी दूर रहता है। क्योंकि सम्राट को लड़ाई से काफी डर लगता है। वो कभी भी किसी पर भी हाथ नही उठाता है चाहे उसकी गलती हो या ना हो।

सम्राट किसी काम से मार्केट में गया हुआ रहता है। जहाँ पर एक रेस्टोरेंट में एक बूढ़ी गरीब औरत को रेस्टोरेंट से धमका कर बाहर निकाल देते हैं। (वो बूढ़ी औरत भूख के मारे उस रेस्टोरेंट में चली गई थी।)

ये सब सम्राट देख लेता है।

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सम्राट से रहा नही जाता है। ओर सम्राट रेस्टोरेंट से कुछ खाना पैक कर के उस बूढ़ी औरत को दे देता है। तभी अचानक ओर गरीब बच्चे लोग आ जाते है और कहते है। साहब हमें भी खाना खिला दो बहुत भूख लग रही है।

तभी सम्राट रेस्टोरेंट के वेटर को बोलता है कि इन सब को खाना खिला दो इन के पैसे मैं दे दूंगा। तब वेटर कहता है कि सर् ये मुमकिन नही है। यहाँ पर काफी बड़े लोग आते हैं तो उनकी रेपुटेशन का सवाल है। तब सम्राट सोचने लग जाता है। और फिर वेटर को बोलता है कि तुम एक काम करो। इन सब का सुबह शाम का खाना पैक कर दो ये कहीं बाहर बैठ के खा लेंगे।

उन सब को खाना दे देता है। तभी वो गरीब बच्चे लोग सम्राट को धन्यवाद कहते हैं। सम्राट हाथ जोड़ कर उन्हें नमस्कार करता है। तभी वहां पर बैठे एक पंजाबी सरदार ने उठ कर वेटर को पैसा देता है कि इन सब गरीबो के खाने के आदे पैसे मैं दे देता हूँ। ओर सम्राट उस पंजाबी आदमी को भी हाथ जोड़कर धन्यवाद कर देता है। और सम्राट वहाँ से चला जाता है।

ये सब IAS Officer आदिती नरवाल देखती रहती है। क्योंकि उस रेस्टोरेंट में आदिती नरवाल भी खाना खाने के लिए आई रहती है। आदिती नरवाल अजमेर जिले की कलेक्टर है। जो कि वो झुंझुनूं जिले के लिए किसी काम से जा रही थी इसलिए उस रेस्टोरेंट में खाना खाने के लिए रुक जाती है।

आदिती नरवाल सीकर जिले के कलेक्टर राम गोपाल बिश्नोई से मिलती है। और वहाँ पर उस लड़के सम्राट की बचपन से लेकर अबतक की पूरी डिटेल निकलवाती है। कि वो क्या करता है, कहाँ पढ़ाई लिखाई की, किसके साथ रहता है। ओर उसकी फैमिली कैसी है। आदिती नरवाल IAS Officer है। तो उसके लिए बाँया हाथ का खेल है सम्राट की पूरी कुंडली निकलवाना। आदिती नरवाल झुंझुन चली जाती है। और फिर वहाँ से सीधी अजमेर के लिए रवाना हो जाती है। दो महीने बाद आदिती नरवाल एक मंथ की छूटी लेती है और आदिती नरवाल छूटी मनाने सीकर आ आती है। बिना पॉवर के।

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वो सिर्फ सम्राट के लिए आती है। एक नॉर्मल लड़की बन के। (आदिती नरवाल एक 24 साल की लड़की है।) आदिती नरवाल सम्राट से दोस्ती कर लेती है उसके साथ साथ घूमती है। उसे समझती है। उसके काम मे अपना हाथ बटाती है। ये सब करते करते सम्राट को भी आदिती नरवाल से एक अच्छी दोस्ती हो जाती है। आदिती नरवाल को पूरे एक महीना हो जाता है सीकर में रहते। ओर एक दिन अच्छा सा माहौल देख के आदिती नरवाल, सम्राट को शादी के लिए प्रस्थाव रख देती है। सम्राट को कुछ समझ नही आता है। कि क्या करू ओर सम्राट, आदिती नरवाल को कहता है। कि अचानक से ये सब कैसे। तो आदिती नरवाल कहती है कि क्या आपको मैं पसन्द नही हूँ। क्या?

तो सम्राट कहता है। ये बात नही है। तो आदिती नरवाल कहती है। तो फिर क्या बात है। तो सम्राट, आदिती नरवाल को कहता है कि मैं एक मिडिल क्लास फैमिली से हूँ। तो शादी के लिए मैं नही, मेरी फैमिली से बात करनी पड़ेगी। वो हाँ बोलते हैं तब मैं कर लूंगा, अन्यथा मुझे माफ़ करना। तो सम्राट ओर आदिती नरवाल। सम्राट के घर जाते है। और उन्हें कहते हैं कि हम शादी करना चाहते हैं। तो सम्राट के घर वाले उन्हें शादी के लिए हाँ बोल देते हैं। सम्राट के माता पिता आदिती नरवाल को आशिर्वाद देते हुए गले लगा लेते हैं।

तब वो दोनों बहुत खुश हो जाते हैं। ओर फिर शाम को सम्राट, आदिती नरवाल को घर छोड़ने के लिए अपनी बुलेरो गाड़ी में जाते हैं। तब रस्ते में आदिती नरवाल, सम्राट को कहती है कि मैं एक नॉर्मल लड़की नही हुँ। तो सम्राट मजाक करते हुए कहता है। की तुम नॉर्मल लड़की नही हो तो क्या भूत हो। ओर सम्राट हँसने लग जाता है।

तब आदिती नरवाल कहती है कि मैं IAS Officer हूँ। तो सम्राट कहता है। ओर मैं राजस्थान का CM हूँ। और हँसने लग जाता है। फिर आदिती नरवाल कहती है कि सम्राट में मजाक नही कर रही हूँ। मैं सच मे अजेमर जिले की कलेक्टर हुँ। सम्राट हँसता रहता है। तब आदिती नरवाल अपना IAS Officer का id कार्ड दिखा देती है। तब सम्राट अचानक गाड़ी का ब्रेक लगा देता है और थोड़ा सा घबराने लग जाता है। कि ये कैसे हो सकता है कि मेरे साथ एक IAS Officer बैठी है। ओर सम्राट थोड़ा सा हकलाते हुए बोलता है। मेडम मैंने कुछ नही किया है।

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